श्री पराशरसंहिता – सोमदत्तचरित नीलकृतहनुमतस्त्रोत्रम् – चतुर्थपटलः

श्री परशरसंहिता - श्री आंजनेयचरितम श्री पराशरसंहिता - सोमदत्तचरित नीलकृतहनुमतस्त्रोत्रम् - चतुर्थपटलः औं जय हो जय हो! श्री आंजनेय| हे केसरी के प्रिय पुत्र! हे वायुकुमार| हे देवपुत्र! हे पार्वती…
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श्री पराशरसंहिता – काम्यसाधनम् – तृतीयपटलः – भाग – २

श्री परशरसंहिता - श्री आंजनेयचरितम श्री पराशरसंहिता - काम्यसाधनम् - तृतीयपटलः - भाग - २ अपने पुत्र को आहत देखकर वायुदेवता ने कुपित होकर वायु संचार को रोक दिया, इससे…
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श्री पराशरसंहिता – काम्यसाधनम् – तृतीयपटलः – भाग – १

श्री परशरसंहिता - श्री आंजनेयचरितम काम्यसाधनम् - तृतीयपटलः - भाग - १ चक्राकार कमलकर्णिका पर आसीन, कालाग्नि के सदृश प्रभा वाले, चार भुजाओं वाले, विशाल मुख्वाले, चार चक्र धारण करने…
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श्री पराशरसंहिता – हनुमन्म्ंत्रोध्धारणम् – व्दितीयपटलः

श्री परशरसंहिता - श्री आंजनेयचरितम हनुमन्म्ंत्रोध्धारणम् (व्दितीयपटलः) श्री पराशर कहते हैं - मन्त्रोव्दार को मैं कहता हूं| एकाग्र चित्त से श्रवन करें| जिसके विशिष्ट ज्ञान मात्र से मनुष्य सदैव विजयी…
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श्री पराशरसंहिता – मन्त्रोपदेशलक्षणम् – प्रथमपटलः

श्री परशरसंहिता - श्री आंजनेयचरितम प्रथमपटलः श्रीलक्ष्मणादि भाईयों के साथ रत्न सिंहासन पर विराजित श्रीजानकीपति राम को प्रणाम करता हूं | एक बार सुखासन में विराजमान निष्पात तपोमूर्ति पराशर महामुनि…
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